बुधवार, १५ मे, २०१३

यारी है इमान मेरा....


गर खुदा मुझ से कहे, कुछ मांग ऐ बन्दे मेरे
मैं ये मांगू, महफिलों के दौर यूँ चलते रहे
हम प्याला, हम निवाला, हमसफ़र, हमराज हो
ता क़यामत जो चिरागों की तरह जलते रहे

यारी हैं ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी
प्यार हो बन्दों से, ये सब से बड़ी हैं बंदगी

साज-ए-दिल छेड़ो जहाँ में, प्यार की गूंजे सदा
जिन दिलो में प्यार है, उन पे बहारे हो फ़िदा
प्यार लेके नूर आया, प्यार लेके ताजगी

जान भी जाए अगर यारी में, यारो गम नहीं
अपने होते यार हो गमगी मतलब हम नहीं
हम जहाँ हैं उस जगह झूमेगी नाचेगी खुशी

गुल-ए-गुलज़ार क्यों बेजार नजर आता है
चश्म-ए-बद का शिकार यार नजर आता है
छूपा ना हम से ज़रा हाल-ए-दिल सूना दे तू
तेरी हँसी की कीमत क्या है, ये बता दे तू

कहे तो आसमान से चाँद तारे ले आऊ
हँसी जवान और दिलकश नज़ारे ले आऊ
तेरा मगनून हूँ,  तूने निभाया याराना
तेरी हँसी हैं आज सब से बड़ा नजराना
यार के हँसते ही, महफ़िल पे जवानी आ गयी

कवी:गुलशन बावरा
संगीतकार:कल्याणजी-आनंदजी
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: जंजीर

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